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    Thursday, July 14, 2016

    मांसाहार खाने वालों को हैं कैंसर का खतरा !

    कुछ समय पहले, कैंसर पर अनुसंधान के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसी (आईएआरसी)  जोकि विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि डब्ल्यूएचओ का एक हिस्सा है ने बर्गीकृत किया है कि प्रोसेस्ड मीट जो कि कासीनजन है जो कि कैंसर का कारण बनता है।

    डब्ल्एचओ की कैंसर एजेंसी ने भी कहा है कि रेड मीट संभवत: पेट, अग्नाशय और प्रोस्टेट कैंसर का कारण बनता है। रेड मीट में बीफ, पोर्क, भेड़ और बकरी शामिल है।
    जबकि आईएआरसी समीक्षा ये नहीं कहती है कि प्रोसेस्ड मीट खाना बंद कर दें बल्कि उसका ये कहना है कि इनका कम इस्तेमाल कर आप कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं।
    कहने का आशय ये है कि ऐसा खाना आपकी सेहत को नुक्सान पहुंचाता है और ये समझदारी है कि आप अपने खाने में हेल्दी चीजों को शामिल करें ताकि बाद में पछताना ना पड़े। आईएआरसी की रिपोर्ट के आधार पर निम्न कुछ ऐसे खाने हैं जिनसे बचना चाहिए-

    हॉट डॉग- प्रतिदिन 50 ग्राम प्रोसेस्ट मीट खाने से 18% से कोलोरेक्टल कैंसर के खतरा बढ़ सकता है और ये सुअर के मांस की 4 स्ट्रिप्स या 1 हॉट डॉग के बराबर है।

    सॉसेज- प्रोसेस्ट मीट का ही एक और प्रकार प्रतिदिन डेढ़ सॉस खाने से 18% से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

    हैम- हैम एक प्रोसेस्ट मीट है बहुत अधिक सोडियम सामग्री के कारण उच्च रक्तचाप और अन्य हृदय रोगों का कारण बनता है।

    बीफ झटकेदार- बीफ झटकेदार भी प्रोसेस्ट मीट का प्रकार है और सोडियम नाइट्रेट की अधिक मात्रा के कारण कैसरजन है।

    रेड मीट- हालांकि रेड मीट आयरन, जिंक और विटामिन बी 12 का एक प्रमुख स्रोत है, लेकिन प्रतिदिन 100 ग्राम रेड मीट लेने से 17% कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।

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