5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। मंगलवार को सरकार ने किसानों का 660.5 करोड़ रुपये के ब्याज को माफ करने की घोषणा की है। इसके तहत किसानों को नवंबर-दिसंबर 2016 का कृषि लोन पर लगने वाला ब्याज नहीं देना पड़ेगा। इससे सहकारी बैंकों से कर्ज लेने वाले किसानों को फायदा होगा। वहीं सरकार सहकारी बैंकों की अतिरिक्त फाइनेंसिंग के लिए नैशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चरल एंड रूरल डेवेलपमेंट बैंक (नाबार्ड) को अनुदान भी देगी।
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य नोटबंदी की मार से जूझ रहे किसानों को रबी की फसल के लिए आसान फसल लोन मुहैया कराना है। इसके लिए सरकार नाबार्ड के जरिए सहकारी बैंकों को अतिरिक्त पूंजी भी देगी। अनुमान है कि इस फैसले के जरिए सरकारी खजाने पर करीब 1,060 करोड़ रुपये का बोझ पड़ सकता है। किसानों के लिए कर्ज पर ब्याज माफी के लिए साल 20016-17 में जारी किए गए 15 हजार करोड़ रुपए पहले ही खर्च किए जा चुके हैं।
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य नोटबंदी की मार से जूझ रहे किसानों को रबी की फसल के लिए आसान फसल लोन मुहैया कराना है। इसके लिए सरकार नाबार्ड के जरिए सहकारी बैंकों को अतिरिक्त पूंजी भी देगी। अनुमान है कि इस फैसले के जरिए सरकारी खजाने पर करीब 1,060 करोड़ रुपये का बोझ पड़ सकता है। किसानों के लिए कर्ज पर ब्याज माफी के लिए साल 20016-17 में जारी किए गए 15 हजार करोड़ रुपए पहले ही खर्च किए जा चुके हैं।

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