कई बार घर में काम करते समय अचानक से कोई अनहोनी हो जाती है। जैसे की बिजली का करंट लगना। आइए जानते है करंट लगने पर पीड़ित को कौन-सा ट्रीटमेंट देना चाहिए।
ध्यान रखने वाली बात 2 बातें
- दो पीन वाले सॉकेट के बजाए तीन पिन वाला रखें क्योंकि इससे करंट लगने का खतरा काफी कम होता है।
- अगर तीन पीन वाला प्लग भी लगा है तो भी इसकी समय-समय जांच कवाते रहेे। ध्यान रखें इसके तीनो तार जुड़े हो कोई भी पिन खराब न हो।
- एम्बुलेंस आने तक बेहोश व्यक्ति से मुंह से सांस दें। उसके सीने पर एक फुट दूर से प्रैशर से दबाव बनाएं, ताकि पीड़ित की दिल की धड़कने चलती रहे। व्यक्ति को सीधा लिटाकर पैरों को उपर की ओर उठा दें।
- ध्यान रखें, जिस व्यक्ति को करंट लगा है उसे खुले हाथों से पकड़ने की कोशिश न करें।
- तुरंत पॉवर सप्लाई को हटा दें और फिर करंट लगे व्यक्ति को, वहां से हटाने के लिए लकड़ी या प्लॉस्टिक की किसी चीज का इस्तेमाल करें।
- पीड़ित की सांस चेक करें। कोई भी गड़बड़ी होने पर तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं।
- अगर उस व्यक्ति को होश आ जाएं तो उसे खाने-पीने के लिए कोई चीज न दें। उसको करवट दिलाकर जले हुए या करंट वाले हिस्से पर कोई भी मरहम लगाएं।
- करंट लगने से कई बार वह हिस्सा सुन्न या लकवाग्रस्त होे सकता है। इसलिए बेहोशी न आने पर भी हेल्थ ट्रीटमेंट जारी रखें।
ध्यान रखने वाली बात 2 बातें
- दो पीन वाले सॉकेट के बजाए तीन पिन वाला रखें क्योंकि इससे करंट लगने का खतरा काफी कम होता है।
- अगर तीन पीन वाला प्लग भी लगा है तो भी इसकी समय-समय जांच कवाते रहेे। ध्यान रखें इसके तीनो तार जुड़े हो कोई भी पिन खराब न हो।

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