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| याद रखिये कॉस्मेटिक का बाजार बहुत बड़ा है और कंपनियां अपने उत्पाद बेचना चाहती हैं। ऐसे में वे अपनी खूबियों की बात करेंगी। |
दावों पर कोई नियंत्रण नहीं
भारत में कॉस्मेटिक के दावों पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं है। कॉस्मेटिक कंपनियां अक्सर अपने उत्पाद के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर दावे पेश करती हैं, लेकिन उनकी हकीकत को सच साबित करने के प्रमाण अक्सर उनके पास नहीं होते।
उम्र के प्रभाव को दूर करने के लिए सनस्क्रीन ही काफी
अगर आप अपनी बढ़ती उम्र से परेशान हैं और जवां दिखना चाहती हैं, तो आपके लिए केवल सनस्क्रीन ही काफी है। सनस्क्रीन आपको सूरज की हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचाती है। सनस्क्रीन में टाइटेनियम डाइऑक्साइड, जिंक ऑक्साइड अथवा एवोबेनजोन होना चाहिए। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि कई सनस्क्रीन इन उत्पादों से रहित होती हैं। तो अगली बार जब आप सनस्क्रीन खरीदने जाएं, तो इन तत्वों को जरूर जांच लें।
प्राकृतिक उत्पाद सुरक्षा की गारंटी नहीं
कोई उत्पाद प्राकृतिक है, तो वह पूरी तरह सुरक्षित होगा इसकी कोई गारंटी नहीं। और न ही यह इस बात की गारंटी है कि वह उत्पाद आपकी त्वचा के लिए बेहतर होगा। और तो और 'प्राकृतिक' शब्द भी विनियमित नहीं है। कई 'प्राकृतिक' उत्पाद आपकी सेहत को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई कॉस्मेटिक उत्पादों में पुदीने का तेल, खट्टे पदार्थ, लेवेण्डर ऑयल जैसे प्राकृतिक तत्व पाये जाते हैं, जिन्हें इरिटेटिंग माना जाता है। लेकिन, इसके साथ ही कई ऐसे तत्व भी होते हैं, जो आपकी त्वचा के लिए काफी अच्छे होते हैं।
मेकअप प्रदूषण से नहीं बचाता
मेकअप आपकी त्वचा को वायु प्रदूषण से नहीं बचाता। प्रूदषक तत्व आसानी से मेकअप की परत से गुजर जाते हैं। चाहे आप अपने चेहरे पर कोई भी और कैसा भी मेकअप लगा लें, लेकिन प्रदूषण और उसमें मौजूद हानिकारक तत्व उन्हें भेदकर आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
महंगे उत्पाद बेहतर हों जरूरी नहीं
अब कोई भी कंपनी इसका दावा नहीं करती। महंगे उत्पादों को अकसर गुणवत्ता की निशानी माना जाता है। कई बार कंपनियां महंगे और सस्ते उत्पाद बना लेती हैं, उनका नाम अलग होता है, लेकिन उन उत्पादों में लगभग एक जैसे तत्व होते हैं।
एक ही ब्रांड पर टिके रहना जरूरी नहीं
एक ही ब्रांड के सभी उत्पाद इस्तेमाल करना जरूरी नहीं। हर ब्रांड के कुछ उत्पाद ऐसे होते हैं, जो आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह मानना कि एक ही ब्रांड के सभी उत्पाद इस्तेमाल करने से आपकी त्वचा को ज्यादा फायदा होगा, पूरी तरह से गलत है। ब्रांड के प्रति वफादार होना तब बेमानी हो जाता है, जब आप देखते हैं कि अधिकतर ब्रांड कुछ बड़ी कंपनियों के है।
सेल्समैन की न सुनें
काउंटर पर खड़े सेल्समैन भी कंपनियों के प्रचारक के रूप में ही काम करते हैं। उन पर भी उत्पाद बेचने का दबाव होता है। कई बार किसी खास उत्पाद को बेचने से उन्हें अतिरिक्त लाभ मिलती है। बेशक, वे सोचते हैं कि उनका उत्पाद बेहतर है, लेकिन इसके पीछे आर्थिक कारण अधिक होते हैं।
कई बार यह बात अतिरेक तक पहुंच जाती है और कंपनियां बड़े-बड़े दावे करने लगती हैं। अब यह आपको तय करना है कि ये उत्पाद किस लायक हैं। खरीदारी करते समय आपको अपने विवेक का इस्तेमाल करना है।
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