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    Friday, May 26, 2017

    सावधान ! तनाव से दांतों पर भी पड़ता है गलत असर।

    सभी ये जानते है की चिंता चिता के समान होती है। और तनाव होने से खतरनाक और जानलेवा दुष्प्रभाव होते है। लेकिन आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि तनाव से दांत किटकिटाने या दांत चबाने की आदत भी पड़ जाती है। यह आदत चाहे जानलेवा न हो, लेकिन इससे कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। जैसे, दांतों, सिर और चेहरे संबंधित ढांचे का प्रभावित होना, दांतों का टूटना। आइये जानते है इसके बारे में,

    हो सकता है कान दर्द और सिरदर्द 
    दांत चबाना मरीज़ के लिए शर्मिंदगी का विषय हो सकता है। लेकिन इससे होने वाली समस्याएं बड़ी भी हो सकती हैं और ऐसा भी ज़रूरी नहीं कि सभी समस्याएं दांतों से संबंधी ही हो। यह समस्या ऐंक्रेनियोफेशयल नर्व को भी प्रभावित कर सकती हैं। यह एक ऐसी गतिविधि होती है, जो हमारी अवचेतन अवस्था में होती है इसलिए हमें इसका पता भी नहीं चल पाता। इसकी वजह से कान में दर्द या सिरदर्द भी हो सकता है।

    नींद के शुरुआती एक घंटे में 40 मिनट तक किटकिटाते हैं दांत
    कुछ लोग रात में नींद के शुरुआती एक घंटे में 40 मिनट तक दांत किटकिटाते हैं । ऐसा करने से दांतों की बाहरी सतह इनेमल के निकलने का खतरा रहता है और दांत टूट भी सकते हैं। ऐसे में दांत, जबड़े, कानों में दर्द हो सकता है और यहां तक कि सिरदर्द भी हो सकता है। मांस पेशियों पर लगातार दबाव पड़ने के कारण चेहरा चौकोर दिखने लगता है। वे लोग जो कि माइल्ड ब्रक्सिरज़म से प्रभावित होते हैं और शारीरिक व मानसिक तनाव के लक्षण भी दर्शाते हैं। यह समस्या कम उम्र के बच्चों में भी हो सकती है।

    नोट - सोने से पहले तनाव से मुक्त होने का कोशिश करें। और किसी टेंशन में हो तब भी नाख़ून न चबाएं। आराम से और अच्छी नींद ले और खाने में मसाले का कम प्रयोग करें।

    हर समय ब्रा पहने रहने से भी होते है कई नुकसान।

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