शादी हर किसी के जीवन में खुशियाँ लेके आती है। शादी से पहले से ही दूल्हे और दुल्हन के मन में एक-दूसरे की अपेक्षाओं को लेकर चिंता बनी रहती है। एक खुशहाल जीवन जीने की कल्पना की जाती है। लेकिन शादी पर घर का वास्तु दोष हावी हो जाए तो स्थिति ख़राब हो सकती है। ऐसे में सुहागरात वाले बेडरूम में वास्तु के अनुसार सही दिशा कौनसी है जानना जरुरी हो जाता है।
वायव्य और उत्तर दिशा
कई बार शादी के तुरंत बाद ही पति-पत्नी में झगड़ा होने लगता है। इसका प्रमुख कारण बेडरूम की गलत दिशा हो सकती है। वास्तु के अनुसार सुहागरात वाला कमरा गलत दिशा में हो तो अनियमित जीवनशैली और टकराव बढ़ जाता है। इसलिए दूल्हा-दुल्हन का कमरा वायव्य और उत्तर दिशा में होना चाहिए।
- पहली बार शारीरिक संबंध बनाते समय इन 5 चीजों से डरती है लड़कियाँ।
दिशा का महत्व
इस दिशा क्षेत्र ठंडा माना जाता है और इसे वायु की ऊर्जा से भरा हुआ माना जाता है। शांति के कारण इस क्षेत्र में एकांत मिलता है। यहां का कम तापमान संबंध बनाने में सहायक होता है। उत्तर दिशा यौन सुख बढ़ाने के साथ ही आपसी तालमेल को भी बढ़ाने में मदद करती है। इसलिए इस दिशा को सबसे उचित माना गया है।
- हनीमून को सुखदायी बनायेगें ये 10 शानदार टिप्स।
वायव्य और उत्तर दिशा
कई बार शादी के तुरंत बाद ही पति-पत्नी में झगड़ा होने लगता है। इसका प्रमुख कारण बेडरूम की गलत दिशा हो सकती है। वास्तु के अनुसार सुहागरात वाला कमरा गलत दिशा में हो तो अनियमित जीवनशैली और टकराव बढ़ जाता है। इसलिए दूल्हा-दुल्हन का कमरा वायव्य और उत्तर दिशा में होना चाहिए।
- पहली बार शारीरिक संबंध बनाते समय इन 5 चीजों से डरती है लड़कियाँ।
दिशा का महत्व
इस दिशा क्षेत्र ठंडा माना जाता है और इसे वायु की ऊर्जा से भरा हुआ माना जाता है। शांति के कारण इस क्षेत्र में एकांत मिलता है। यहां का कम तापमान संबंध बनाने में सहायक होता है। उत्तर दिशा यौन सुख बढ़ाने के साथ ही आपसी तालमेल को भी बढ़ाने में मदद करती है। इसलिए इस दिशा को सबसे उचित माना गया है।
- हनीमून को सुखदायी बनायेगें ये 10 शानदार टिप्स।



No comments:
Post a Comment