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    Wednesday, June 29, 2016

    7वें वेतन आयोग की सिफारिशें मंजूर, 23.6 फीसदी बढ़ेगा वेतन


    नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के अच्छे दिन आ गए हैं। मोदी कैबिनेट ने केंद्रीय कर्मियों के वेतन-भत्तों और पेंशन में संशोधन के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को कुछ और बढ़त के साथ मंजूरी दे दी है। इससे केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में 23.6 पर्सेंट तक इजाफा होगा। बुधवार सुबह साउथ ब्लॉक में हुई कैबिनेट की बैठक में वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दी गई।
    कैबिनेट ने मूल वेतन में 14.27 पर्सेंट और भत्तों आदि को मिलाकर 23.6 प्रतिशत के इजाफे को मंजूरी दी है। हालांकि इसे कम बढ़ोतरी माना जा रहा है। वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू होगी। यानी कर्मचारियों को 1 जनवरी से बढ़े हुए वेतन का एरियर मिलेगा। कर्मचारियों के वेतन में तीन फीसदी की सालाना बढ़ोतरी को बरकरार रखा गया है। बैठक में कर्मचारियों को दिए जाने वाले अंतिम भुगतान पर फैसला करते हुए कहा गया है कि सिफारिशों को एक जनवरी, 2016 से ही लागू किया जाएगा। इससे 98.4 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा होगा, इसमें 52 लाख पेंशनभोगी भी शामिल हैं। कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार के कई मंत्रियों के अलावा वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे।

    वेतन आयोग की सिफारिशें पिछले साल नवंबर में आईं थीं। इनमें मूल वेतन में 14.27 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की सिफारिश की गई थी। यह बढ़ोतरी पिछले 70 साल में आयोगों की सिफारिशों में सबसे कम बताई जा रही है। छठे वेतन आयोग ने 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की थी। 2008 में इसे लागू करते समय तत्कालीन संप्रग सरकार ने दोगुनी बढ़ोतरी कर दी थी।
    आयोग की सिफारिशों में प्रस्तावित भत्तों को भी जोड़ा जाए तो सिफारिशों के अनुसार वेतन में 23.55 प्रतिशत की वृद्धि होगी। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें इस साल 1 जनवरी से प्रभावी होंगी। अनुमान के मुताबिक वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने से सरकार पर 1.02 लाख करोड़ रुपये सालाना का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। यह राशि देश की जीडीपी के 0.7 प्रतिशत के बराबर होगा।
    कहा जा रहा है कि जुलाई में मिलने वाले वेतन में बढ़ा वेतन और पूरा एरियर दे दिया जाएगा।

    कहा जा रहा है कि इस वेतन वृद्धि से रियल एस्टेट सेक्टर और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी उछाल आएगा।
    बताया जा रहा है कि आईएएस, आईपीएस और आईआरएस का पे बैंड एक जैसा किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जहां वेतन आयोग ने कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 18,000 रुपये और अधिकतम 2,25,000 रुपये (कैबिनेट सचिव और इस स्तर के अधिकारी के लिए 2,50,000 रुपये) की रिफारिश की थी, वहीं सचिवों की अधिकार प्राप्त इस समिति ने इसमें 18-30 फीसदी की बात कही है। यानी 18000 रुपये के स्थान पर करीब 27000 रुपये और 2,25,000 के स्थान पर 3,25,000 रुपये करने की सिफारिश की है।

    वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016-17 के आम बजट में पे-कमिशन लागू करने के लिए 70,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। यह राशि वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूर करने के लिए महज 60 फीसदी है। केंद्र सरकार ने इसी साल जनवरी में कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया के लिए समिति का गठन किया था। कमेटी की ओर से रिपोर्ट जारी किए जाने के बाद ही बुधवार को कैबिनेट ने इस पर चर्चा की। यूपीए सरकार ने फरवरी 2014 में केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में इजाफे के लिए सातवें वेतन आयोग का गठन किया था।
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