बारिश के मौसम में भीगने का मन करता है लेकिन बीमारियों का डर भी सताता है, आइए हम आपको बताते हैं कैसे बारिश में बीमार पड़े बिना बारिश का मजा ले सकते हैं।
बारिश में भीगना - अंततः बरसात का मौसम आ ही गया है। बरसात का मौसम अपने साथ जितना सुकून लाता है, उतनी ही बीमारियों को भी न्योता देता है। तमाम किंतु-परंतु के बावजूद बरसात में भीगने से हम खुद को रोक नहीं पाते। सवाल उठता है ऐसे में खुद को बीमार पड़ने से कैसे रोका जाए। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना होगा सिर्फ कुछ सावधानियां बरतनी होंगी ताकि बीमारी से बचा जा सके।
पहली बरसात से बचें - हम अकसर पहली बारिश का लुत्फ उठाना चाहते हैं। लेकिन चिकित्सकों की मानें तो पहली बरसात स्वास्थ्य के लिहाज से सही नहीं होती। इससे न सिर्फ स्वास्थ्य खराब होने का खतरा बढ़ सकता है बल्कि त्वचा सम्बंधी बीमारियां भी हो सकती हैं। रैशेज, मुंहासे जैसी समस्याओं का अकसर पहली बरसात में भीगने से सामना करना पड़ता है। इसके पीछे एक वजह यह है कि बरसता की पहली फुहार प्रदूषित होती है, जिसका सीधा सीधा असर हमारी त्वचा पर पड़ता है।
ज्यादा देर तक भीगे कपड़ों में न रहें - अब चूंकि आप बरसात में भीगने का आनंद उठा ही चुके हैं तो सावधानी के तौरपर जितना जल्दी हो सके भीगे कपड़ों से बाहर निकलें। कहने का मतलब यह है कि ज्यादा देर तक भीगे कपड़ों में न रहें। हम जितना अधिक भीगने से बीमार पड़ते हैं, उससे कही ज्यादा भीगे कपड़े में रहने के कारण स्वास्थ्य सम्बंधी समस्याओं से रूबरू होना पड़ता है। अतः ज्यादा देर तक भीगे कपड़ों में न रहें।
पैरों को अच्छी तरह धोएं - बरसात में सबसे ज्यादा हमारे पैरों की अंगुलियां प्रभावित होती हैं। यह बड़ी अटपटी बात है कि हम अकसर नहाते हुए पूरे शरीर को साफ करते हैं; लेकिन पैरों की अनदेखी कर देते हैं। यह सही नहीं है। बेहतर यही है कि पैरों को अच्छी तरह धोएं। दरअसल बरसात में भीगने के कारण पैरों की अंगुलियां ठिठूर जाती हैं। यहां तक कि भीगने की वजह से सफेद तक पड़ जाती है। अगर सही इनकी सफाई न की गई और सूखे कपड़े से न पोछा गया तो इसमें फंगस जैसी बीमारी लगने की आशंका बढ़ सकती है।
भीगने के बाद गुनगुने पानी से नहाएं - निःसंदेह भीगते हुए मजा बहुत ज्यादा आता है। लेकिन भीगने के तुरंत बाद ठंड भी लगती है। इसलिए भीगने के बाद ठंडे पानी से नहाना समझदारी नहीं है। इससे आपके शरीर में ठंड बैठ सकती है, जिससे कि आपको बुखार, जुकाम, सिरदर्द, बदनदर्द जैसी बीमारियां हो सकती हैं। अतः बरसात की फुहार में भीगने के बाद गुनगुने पानी से नहाने का मजा उठाएं।
ड्रायर का उपयोग करें - यह बात खासकर महिलाओं पर लागू होती है। दरअसल उनके बाल लम्बे होते हैं। बरसात में भीगने के बाद शरीर ठंड के कारण कंपकपाहट से भर जाता है। इसके बाद यदि जल्द से जल्द बाल न सुखाए गए तो शरीर में ठंड बैठ सकती है। छाती में दर्द या सिरदर्द भी हो सकता है। इसलिए बालों को जल्द से जल्द सुखाने का प्रबंध करें।
मसाला चाय का सेवन करें - बरसात में भीगने के बाद चाय की ललक भला किसे नहीं लगती? सबको लगती है। लेकिन साधारण चाय बरसात के दिनों में फायदा नहीं पहुंचाती। भीगने के तुरंत बाद आपको चाहिए कि मसाला चाय पीयें। इससे सर्दी, जुकाम आने से पहले ही रफूचक्कर हो जाते हैं।

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