समुद्रशास्त्र के अनुसार हर व्यक्ति की हथेली में उसके पूरे जीवन का लेखा-जोखा होता है जिसे ब्रह्मा का लेख कहा जाता है। इसलिए बहुत से ज्योतिषी जन्म का समय मालूम नहीं होने पर हथेली देखकर जन्मपत्री बनाते हैं। हथेली में मौजूद कई रेखाओं को समुद्रशास्त्र में बहुत ही शुभ माना गया है तो कुछ ऐसी रेखाएं हैं जो शुभ चिन्हों को भी अप्रभावी बना देते हैं और व्यक्ति को जीवन भर परेशान करते हैं। देखिए अपनी हथेली और जानिए आपकी परेशानी और तंगी की वजह यह रेखा तो नहीं।
हथेली में जाल का निशान होना अच्छा नहीं माना गया है। यह निशान गुरु पर्वत यानी तर्जनी उंगली के ऊपर होने पर व्यक्ति को धन के मामले में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धर्म कर्म में इनकी आस्था कम होती है लेकिन धार्मिक होने का दिखावा करते हैं। शुक्र पर्वत यानी अंगूठे के नीचे यह निशान होने पर व्यक्ति के गुप्त प्रेम संबंध होने की संभावना रहती है।
हथेली में क्रास यानी कट का निशान शुभ नहीं होता है। यह जिसे रेखा से मिलकर बनता है उस रेखा के प्रभाव को कम कर देता है। भाग्य रेखा पर यह निशान भाग्य में रुकावट का संकेत है। विवाह रेखा पर ऐसा निशान होने पर शादी में बाधा और वैवाहिक जीवन के सुख में कमी का संकेत माना गया है जबकि जीवन रेखा पर यह निशान जीवन के लिए संकटकारी माना गया है।
द्वीप का निशान हथेली में जिस रेखा पर बना होता है उस रेखा के शुभ प्रभाव को नष्ट कर देता है। मस्तिष्क रेखा पर इस निशान के होने पर व्यक्ति का मन विचलित रहता है। चन्द्र पर्वत पर इस निशान का होना जलक्षेत्र से खतरे की आशंका को दर्शाता है। ऐसे व्यक्तियों को नदी, तालाब, समुद्र, झील के पास लापरवाही से बचना चाहिए। यह निशान शुक्र पर्वत पर होने से प्यार में धोखा मिलता है। यौन रोग की भी आशंका रहती है।
विवाह रेखा, चन्द्र पर्वत और मंगल पर्वत पर वृत्त यानी गोल चिन्ह होना अच्छा नहीं माना जाता है। चन्द्र पर्वत पर होने से जल से खतरा रहता है, जबकि विवाह रेखा पर यह निशान वैवाहिक जीवन के सुख में बाधक होता है। जबकि शनि और गुरु पर्वत पर यह निशान शुभ लाभ दायक होता है।
हथेली मे मस्तिष्क रेखा, जीवन रेखा, मणिबंध रेखा का जंजीरनुमा होना अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसा रेखा होना शुभ फलों में कमी बताता है। यानी जीवन रेखा ऐसी होने पर व्यक्ति की सेहत अच्छी नहीं रहती है और जीवन मे काफी उतार-चढ़ाव बना रहता है। मस्तिष्क रेखा ऐसी होने पर व्यक्ति परेशान और उलझन में रहता है।

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