• Breaking News

    Tuesday, July 12, 2016

    एक घोड़े ने उत्तराखंड को हिला दिया, रातों-रात गायब हुआ शक्तिमान


    भाजपा के विधानसभा कूच के दौरान घायल पुलिस के घोड़े 'शक्तिमान' की मौत के बाद विधानसभा चौक पर लगाई जा रही शक्तिमान की मूर्ति रातों रात वहां से हटा ली गई। बताया गया कि सोमवार को देर रात दो बजे मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देश के बाद मूर्ति को पुलिस ने हटा दिया है। शक्तिमान की मूर्ति को पुलिस लाइन ले जाया गया है। उधर, जोरशोर से शक्तिमान (घोडे़) की प्रतिमा के अनावरण की तैयारी में जुटा प्रशासन अचानक से सीएम हरीश रावत के प्रतिमा के अनावरण से इनकार करने की बात पर चुप है।

    सीएम भले ही इसके लिए वजह कुछ और बता रहे हैं पर राजनीतिक समझ रखने वालों का कुछ और कहना है।
    इन लोगों की माने तो शनिवार रात रिस्पना पुल पर शक्तिमान की प्रतिमा स्थापित होते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ इसके पक्ष में थी तो ज्यादातर इसके खिलाफ। प्रतिमा के अनावरण पर सोशल मीडिया पर बन रही निगेटिव इमेज से बचने को सीएम ने अपना फैसला बदला है। शक्तिमान की मौत के बाद रावत ने आनन-फानन में रिस्पना पुल का नाम बदलकर शक्तिमान करने की घोषणा कर दी थी। इससे प्रेरणा लेकर पुलिस ने भी अस्तबल के बाहर शक्तिमान की प्रतिमा लगाने की ओर कदम बढ़ा दिए थे। सीएम ने भी इस पर अपनी मूक सहमति दे दी थी।

    पुलिस लाइन की प्रतिमा करीब दस दिन पहले, जबकि रिस्पना पुल की प्रतिमा तीन दिन पहले स्थापित की गई थी। दोनों जगह प्रतिमा का अनावरण सीएम हरीश रावत को करना था। इसी बीच सोशल मीडिया पर शक्तिमान की प्रतिमा को लेकर सरकार के फैसले की खिंचाई शुरू हो गई। लोगों का कहना था कि केदारनाथ आपदा में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के स्मारक पर सरकार तीन साल से चुप्पी साधे बैठी है, जबकि एक घोड़े के लिए पूरी सरकारी मशीनरी लगी है। इस पर कई लोगों के कमेंट भी आए जो हरीश सरकार को कटघरे में खड़ा करने वाले थे। इस पर कांग्रेस नेता किशोर उपाध्याय का कहना है कि उन्हें इस बारे में सूचना नहीं है। जहां पर शक्तिमान शहीद हुआ वहीं पर शक्तिमान की मूर्ति लगानी चाहिए। वह पुलिस का ‌घोड़ा था विभाग को जहां सही लगेगा वह शक्तिमान की मूर्ति को स्‍थापित करेंगे।

    No comments:

    Post a Comment

    अजब-गजब

    टेक टिप्स

    रिलेशनशिप