मकर संक्रांति ही एक ऐसा पर्व है जिसका निर्धारण सूर्य की गति के अनुसार होता है। पौष मास में जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं उस काल विशेष को ही संक्रांति कहते हैं। शनि देव मकर राशि के स्वामी हैं और जब सूर्य मकर में प्रवेश करता है तो उसे मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है।
मकर संक्रांति 2017 का शुभ मुहूर्त और महत्व :-)
मकर संक्रांति का पर्व वर्ष 2017 में 14 जनवरी दिन शनिवार को मनाया जाएगा। काशी के पंडित श्री दिवाकर शास्त्री के मुताबिक इस साल का शुभ मुहूर्त 14 जनवरी को सुबह 7 बजकर 50 मिनट से लेकर दोपहर 06 बजकर 08 मिनट तक का है। पूरे दिन जातक दान-पुण्य कर सकते हैं, क्योंकि दान का पुण्यकाल शुरू होगा, जो दिन भर रहेगा, इसी रोज सुबह 7.14 पर सूर्योदय से शाम 4.26 बजे तक प्रीति योग का संयोग भी बन रहा है। अगर संभव हो तो इस साल हर जातक सुबह इस दिन गंगा स्नान करे, विशेष लाभ मिलेगा।
सारे शुभ काम शुरू :-)
धर्मसिंधु के अनुसार जिस वर्ष रात्रि में संक्रांति हो तो पुण्य काल दूसरे दिन होता है, उस वर्ष मकर सक्रांति 14 जनवरी को होती है और इस बार ऐसा हो रहा है। इस दिन सूर्य का मकर में प्रवेश होता है जिसके कारण इस दिन से ही सारे शुभ काम जैसे सहालगें शुरू हो जाएंगी। खिचड़ी के बाद से लोग बच्चों के मुंडन, छेदन संस्कार आदि करा सकते हैं।
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सारे शुभ काम शुरू :-)
धर्मसिंधु के अनुसार जिस वर्ष रात्रि में संक्रांति हो तो पुण्य काल दूसरे दिन होता है, उस वर्ष मकर सक्रांति 14 जनवरी को होती है और इस बार ऐसा हो रहा है। इस दिन सूर्य का मकर में प्रवेश होता है जिसके कारण इस दिन से ही सारे शुभ काम जैसे सहालगें शुरू हो जाएंगी। खिचड़ी के बाद से लोग बच्चों के मुंडन, छेदन संस्कार आदि करा सकते हैं।
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