शादी जैसे अहम रिश्ते को बचाने की जिम्मेदारी पति और पत्नी दोनों पर होती है। रिश्ते में कई बार दरार आ जाती है। रिश्ते को हमेशा जवान बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप इन शब्दों को रिश्तों की डिक्शनरी से निकाल फैंके। फिर देखिए कैसे खिलखिलाते हैं आपके रिश्ते।
गुस्सा - गुस्सा किसी भी रिश्ते को घुन की तरह खा जाता है। गुस्से पर नियंत्रण रखना सीखें क्योंकि ये आपके अपनों को दूर करता है। गुस्सा कम करेंगे तो रिश्ते की बगिया महकेगी।
मैं और तुम - 'मैं' और 'मेरा' को छोड़ ही दें। 'हम' पर विश्वास करें। 'अहम' और 'मैं' दो ऐसे चाकू हैं जो रिश्तों को अंदर तक छील देते हैं। एक ही छत के नीचे रहते हुए मैं और मेरा करना स्वार्थीपन की निशानी है।

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